डीजल-पेट्रोल के बढ़े दाम से जनता परेशान, महंगाई बढ़ने की आशंका

AJ डेस्क: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका, इजराइल व ईरान के बीच जारी संघर्ष का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बाद देशभर समेत धनबाद में डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ा दिए गए हैं। डीजल और पेट्रोल दोनों में तीन-तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

 

नई कीमतें आज से लागू हो गई हैं। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर आम जनता और ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पर पड़ रहा है। देश में मालवाहक और यात्री परिवहन का बड़ा हिस्सा डीजल पर निर्भर है। ऐसे में ईंधन महंगा होने से बाजार में रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

 

 

धनबाद के लोगों का कहना है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता पर अब पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों ने अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।

लोगों का कहना है कि यदि ईंधन के दाम लगातार बढ़ते रहे तो आने वाले दिनों में आम जरूरत की चीजें भी महंगी हो सकती हैं।

 

 

अधिवक्ता सुभाष राय ने कहा कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि हुई है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर यह बढ़ोतरी चुनाव से पहले होती तो जनता इसकी असल वजह बेहतर तरीके से समझ पाती, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद दाम बढ़ाना कई सवाल खड़े करता है।

 

 

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाहनों के कम इस्तेमाल की अपील का जिक्र करते हुए कहा कि एक ओर केंद्र सरकार सादगी और ईंधन बचत की बात करती है, वहीं दूसरी ओर नेताओं के बड़े काफिले जारी हैं। उन्होंने इसे भाजपा की दोहरी नीति बताया।

 

 

वहीं अभिषेक दास ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी केवल धनबाद या झारखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश में हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होने के बाद कीमतों में राहत मिल सकती है।

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