धनबाद में होटल रेट पर 2.5% लगेगा सेस,बिना नक्शा बने भवन होंगे रेगुलराइजेशन

AJ डेस्क – धनबाद में अब होटल में ठहरना महंगा हो सकता है। नगर निगम ने होटल के कमरे के किराए पर 2 से 5 प्रतिशत नगरीय पर्यटक कर लगाने का फैसला किया है। वहीं दूसरी ओर, बिना नक्शा के बने भवनों के लिए राहत भरी खबर है। नगर निगम ने ऐसे भवनों को नियमित करने के लिए नई नियमावली लागू कर दी है।

 

 

धनबाद में अब होटल में ठहरने के लिए लोगों को ज्यादा पैसे चुकाने पड़ सकते हैं। नगर निगम ने होटल रूम रेंट पर 2 से 5 प्रतिशत नगरीय पर्यटक कर यानी सेस लागू कर दिया है। इसके लिए मंगलवार को अधिसूचना जारी की गई।

 

यह कर होटल के कमरे के किराए के साथ-साथ अन्य सेवाओं पर भी लागू होगा, हालांकि इसमें जीएसटी शामिल नहीं होगा। होटल संचालकों को यह टैक्स हर वित्तीय तिमाही के बाद 15 दिनों के भीतर जमा करना होगा। नगर निगम के अनुसार, इस नियम का उद्देश्य शहरी पर्यटन को व्यवस्थित करना और राजस्व बढ़ाना है।

 

 

हालांकि, इस फैसले का होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने विरोध किया है। उनका कहना है कि पहले से ही कई तरह के टैक्स और शुल्क दिए जा रहे हैं, ऐसे में नया कर व्यवसाय पर अतिरिक्त बोझ डालेगा।

 

इस नियमों के तहत अब सभी होटलों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा, नए होटल को 7 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना होगा, हर होटल को यूनिक आईडी दी जाएगी और समय पर टैक्स नहीं देने पर जुर्माना और ब्याज लगेगा।

 

वहीं, दूसरी ओर नगर निगम ने बिना नक्शा के बने भवनों को बड़ी राहत दी है। झारखंड रेगुलराइजेशन ऑफ अनऑथराइज्ड कंस्ट्रक्टेड बिल्डिंग रूल्स 2026 लागू कर दिया गया है। इसके तहत 31 दिसंबर 2024 तक बने भवनों को नियमित किया जाएगा। इसके लिए भवन मालिकों को 60 दिनों के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

 

इस योजना के तहत केवल रैयती जमीन पर बने भवन ही नियमित होंगे, अधिकतम 3 मंजिला या 10 मीटर ऊंचाई तक के भवन मान्य होंगे, नक्शा स्वीकृत होने के बाद ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट मिलेगा और पहले से चल रहे केस वापस लिए जाएंगे।

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