छाताबाद भू – धसान: चार घंटे की मैराथन बैठक,IIT से डेंजर जोन सर्वे कराने पर सहमति
AJ डेस्क: – धनबाद जिले के कतरास थाना क्षेत्र के छाताबाद में हुए भू-धंसान की घटना के 17 दिन बाद प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और अन्य मांगों को लेकर सोमवार देर शाम सर्किट हाउस में बड़ी बैठक हुई। झारखंड सरकार के जल संसाधन विभाग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री हफीजुल हसन की अध्यक्षता में हुई यह मैराथन बैठक करीब 4 घंटे तक चली। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बीसीसीएल, जेआरडीए और प्रभावित परिवारों के प्रतिनिधि शामिल हुए। मंत्री ने बैठक के बाद दावा किया कि सभी मांगों पर सहमति बन गई है, हालांकि बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने बैठक में लिए गए निर्णयों पर मीडिया के सामने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
बैठक से पहले मंत्री हफीजुल हसन आशियाना आंदोलन स्थल पहुंचे, जहां भू-धंसान प्रभावित परिवारों और आंदोलनकारियों से मुलाकात की। मंत्री ने आंदोलनरत लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को वार्ता के माध्यम से पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
इसके बाद सर्किट हाउस में मंत्री की अध्यक्षता में प्रभावित परिवारों, बीसीसीएल और जेआरडीए के बीच लंबी बैठक शुरू हुई। बैठक में एसडीएम, डीडीसी, प्रभावित परिवारों की ओर से वार्ड-02 के पार्षद मोहम्मद शाहबुद्दीन सहित जेएमएम के नेता और अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
करीब 4 घंटे तक चली बैठक में पुनर्वास, मुआवजा, चिकित्सीय सहायता और भू-धंसान प्रभावित इलाके की सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रभावित परिवारों की मांग पर भू-धंसान क्षेत्र का आईआईटी (आईएसएम) से सर्वेक्षण कराने और डेंजर जोन का सीमांकन करने पर सहमति बनी। सर्वे रिपोर्ट एक महीने के भीतर उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
इसके अलावा खनन कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों और ब्लास्टिंग से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन करने पर भी सहमति बनी। डेंजर जोन के सर्वे में मस्जिद, मदरसा, ईदगाह और स्कूल जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों को भी शामिल किया जाएगा।
मंत्री हफीजुल हसन ने भू-धंसान और अग्नि प्रभावित क्षेत्रों के आसपास इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम तैयार करने के निर्देश भी दिए, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
हालांकि बैठक के बाद मंत्री हफीजुल हसन ने समझौते के बिंदुओं पर विस्तार से मीडिया को जानकारी नहीं दी। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि सभी मांगों को मान लिया गया है और अब सब कुछ ठीक हो गया है।
वहीं, बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल भी मीडिया के सवालों से बचते नजर आए। बैठक में बनी सहमति और लिए गए निर्णयों को लेकर उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की।
दूसरी ओर, बैठक में शामिल वार्ड-02 छाताबाद के पार्षद मोहम्मद शाहबुद्दीन ने बताया कि प्रभावित ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुना गया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मांगों पर बीसीसीएल की ओर से नियमों और प्रावधानों का हवाला दिया गया, जिसके कारण सभी मुद्दों पर तत्काल सहमति नहीं बन सकी।
