नेपाल त्रासदी: 288 भारतीय लापता, इनमें अधिकतर कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री; विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी
AJ डेस्क: भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया है कि नेपाल त्रासदी में 288 भारतीय नागरिक लापता हैं। इनमें 73 लोग त्रिशूली पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे हैं। इनके अलावा 37 और 39 लोगों के दो समूह तमिलनाडु के हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए हुए हैं। इनके अलावा तीसरा समूह 32 लोगों का है, जो पश्चिम बंगाल के हैं, वे भी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए हुए हैं। इनके अलावा 61 लोग विभिन्न राज्यों के हैं, जो नेपाल में लापता हैं। साथ ही केरलम के 33 लोगों का भी एक समूह नेपाल में लापता है। इस तरह कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कुल पांच समूह लापता हैं।
केरलम
नोरका रूट्स ने गुरुवार को बताया कि नेपाल में आई भयानक बाढ़ के कारण केरलम के 53 लोग (जिनमें बच्चे भी शामिल हैं) वहां फंस गए हैं। नोरका रूट्स केरल सरकार की वह एजेंसी है जो विदेश में रहने वाले केरल के लोगों के मामलों और कल्याणकारी सेवाओं का कामकाज देखती है।
तमिलनाडु
तमिलनाडु और पुडुचेरी से कुल 106 लोग मानसरोवर यात्रा पर गए थे। इनमें से 20 लोगों को बचा लिया गया है, जबकि 37 लोग अभी भी लापता हैं। सरकार ने कहा कि वह चेन्नई से गए अन्य 49 लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
कर्नाटक
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के कार्यालय ने गुरुवार को बताया कि कर्नाटक के कम से कम 13 लोग (जिनमें से 11 बंगलूरू शहरी जिले के हैं) नेपाल और तिब्बत क्षेत्र में फंसे हुए हैं।
