अब मुंबई की एक कंपनी हो गई है रेस, झारखंड पुलिस के है सम्पर्क में
AJ डेस्क: “कहते हैं भगवान जब भी देता है, छप्पड़ फाड़ कर देता है”, यह अलग बात है कि वह सुख हो या मुसीबत। मुसीबत भी कभी कभी अकेले नहीं आती बल्कि चारों तरफ से घेर लेती है। ऐसा ही कुछ हो रहा है एक निजी चैनल से जुड़े मालिकाना श्रेणी से जुड़े व्यक्ति के साथ।
झारखंड में और खास कर मीडिया जगत में अभी एक निजी चैनल का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि मुंबई की एक कंपनी ने वर्षों पूर्व उसे महत्वपूर्ण उपकरण दिए थे जिसका पूरा भुगतान उक्त कंपनी को अब तक नहीं मिल पाया है। कंपनी के प्रतिनिधि पहले भी अनेकों बार रांची भाग दौड़ कर न्याय के लिए पुलिस प्रशासन का दरवाजा खटखटा चुके थे लेकिन उस वक्त उन्हें किसी स्तर से सहयोग नही मिला था।
सूत्र बताते हैं कि समय चक्र ज्यों ही घुमा। कानून के हाथ गिरेबान तक पहुंच गया। खबर जंगल की आग की तरह फैलने लगी। हर पीड़ित व्यक्ति की उम्मीद जगने लगी और पुलिस के प्रति एक विश्वास बनने लगा कि अब उन्हें भी न्याय और उनका हक मिल जाएगा। इसी कड़ी में मुंबई की उक्त कंपनी जिसने चैनल को उपकरण आपूर्ति किया था,उसका भी नाम शामिल है। सूत्र बताते हैं कि मुंबई की उक्त कंपनी के प्रतिनिधि अब न्याय मिलने की उम्मीद लेकर झारखंड पुलिस से लगातार सम्पर्क बनाए हुए हैं ।
