झारखंड में पुलिस,गैंगस्टर और माफियाओं का गठजोड़: बाबूलाल मरांडी
AJ डेस्क: – झारखंड की कानून व्यवस्था को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है। धनबाद सर्किट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में पुलिस, गैंगस्टर और माफियाओं का गठजोड़ बन गया है और राज्य की स्थिति खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि आम लोगों का विश्वास और भरोसा राज्य सरकार और पुलिस पर से डगमगा गया है और यह कोई संयोग नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से पैदा की गई स्थिति है।
इस दौरान उन्होंने पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस अनुराग गुप्ता को हेमंत सोरेन सरकार ने दो वर्षों तक सस्पेंड रखा, उसी अधिकारी को बाद में अवैध तरीके से राज्य का डीजीपी बनाया गया। इतना ही नहीं, सेवानिवृत्त होने के बाद भी सरकार ने उन्हें अवैध तरीके से सेवा विस्तार दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने अमन साहू एनकाउंटर सहित अन्य अपराधियों के मामलों को उठाते हुए पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाए और हेमंत सोरेन सरकार को घेरा। उन्होंने झारखंड की प्रथम और वर्तमान महिला डीजीपी तदाशा मिश्रा की नियुक्ति को भी अवैध बताते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने धनबाद के पूर्व एसएसपी संजीव कुमार और वर्तमान एसएसपी पर भी कोयले की लूट करवाने का आरोप लगाया। साथ ही वर्तमान एसएसपी प्रभात कुमार पर भगौड़ा अपराधी प्रिंस खान द्वारा वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों का जिक्र करते हुए राज्य सरकार से पूरे मामले की जांच एनआईए से करवाने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि भगौड़ा प्रिंस खान को शूटर उपलब्ध कराने वाले राहुल सिंह को सरकारी अंगरक्षक और हथियार रखने के लाइसेंस निर्गत होने के मामले की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने एसीबी के डीजी प्रिया दुबे और उनके पति पर लगे आय से अधिक संपत्ति के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ऐसे अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर बैठाकर जानबूझकर राज्य की कानून व्यवस्था को बिगाड़ रही है।
