बिजली कटने से भड़के ग्रामीण, एएमपी कोलियरी का काम ठप
AJ डेस्क: धनबाद कोयलांचल में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। बीसीसीएल की एरिया-1 अंतर्गत एएमपी परियोजना विस्तार को लेकर मंडल केंदुआडीह बस्ती की बिजली करीब 13 दिनों से काटे जाने का आरोप है। बिजली बहाल नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने गुरुवार को एएमपी कोलियरी का काम बाधित कर दिया और चेकपोस्ट के सामने प्रदर्शन करते हुए कोयला परिवहन रोक दिया है।
ग्रामीण डॉली चौहान ने बताया कि भीषण गर्मी में बिजली कट जाने से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि बीसीसीएल परियोजना विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण करना चाहती है, लेकिन विस्थापन और मुआवजे की प्रक्रिया पूरी किए बिना ग्रामीणों पर दबाव बनाया जा रहा है। ग्रामीणों ने बीसीसीएल पर तानाशाही और अमानवीय रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
प्रदर्शन कर रहे कंचन देवी एवं अन्य ग्रामीणों ने साफ कहा है कि जब तक गांव की बिजली बहाल नहीं की जाती, तब तक एएमपी कोलियरी का काम बंद रहेगा। आंदोलन के कारण कोयला उत्पादन और परिवहन दोनों प्रभावित हो गए हैं। चेकपोस्ट के पास कोयला लदे हाइवा वाहनों को रोक दिया गया है, जिससे परियोजना का संचालन प्रभावित हुआ है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी ग्रामीणों की मांगों का समर्थन किया है। उनका कहना है कि बिना उचित पुनर्वास और मुआवजा दिए किसी भी ग्रामीण को हटाने का प्रयास उचित नहीं है। प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन को बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालना चाहिए।
ग्रामीणों के आंदोलन का असर कोयला आपूर्ति पर भी पड़ने लगा है। जानकारी के अनुसार एएमपी कोलियरी से प्रतिदिन केकेसी लिंक साइडिंग को लगभग 6 हजार टन और एमपीएल को करीब 3 हजार टन कोयले की आपूर्ति होती है। परिवहन बाधित होने से बीसीसीएल को आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल ग्रामीण बिजली बहाली तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
