यौन उत्पीड़न के आरोपी विधायक ने कोर्ट में किया सरेंडर, गए जेल
AJ डेस्क: गुरुवार को झारखण्ड विकास मोर्चा (जेवीएम) के विधायक प्रदीप यादव न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिए गए। उन्होंने देवघर कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। प्रदीप यादव अपनी ही पार्टी की एक महिला से यौन उत्पीड़न करने के आरोपी थे। हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को पहले ही खारिज दिया था। इसके बाद से ही प्रदीप यादव का पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करना तय माना जा रहा था।
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आपको बता दें कि जेवीएम की एक महिला नेता ने लोकसभा चुनाव के दौरान प्रदीप यादव पर यौन शोषण करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था।

इस मामले में विधायक ने गिरफ्तारी से बचने के लिए देवघर कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन देवघर कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। इसके बाद पुलिस की पहल पर कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था।
जेवीएम की एक महिला कार्यकर्ता द्वारा प्रदीप यादव पर बीते 20 अप्रैल को होटल शिव सृष्टि पैलेस में बुलाकर छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था। बीते दो मई को महिला ने साइबर थाना में यौन उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था। इससे पूर्व 13 जून को प्रदीप यादव ने साइबर थाना में एसडीपीओ विकास चंद्र श्रीवास्तव एवं कांड के आईओ संगीता कुमारी के समक्ष अपना बयान दर्ज करवाया था। पुलिस ने बंद कमरे में उनसे दो घंटे तक पूछताछ की थी।
जेवीएम सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी के कहने पर प्रदीप यादव ने 29 मई को पार्टी के प्रधान महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। साथ ही पार्टी सुप्रीमो ने उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश भी दिया था। प्रदीप यादव ने गिरफ्तारी से बचने के लिए उच्च न्यायालय में अपनी अग्रिम जमानत याचिका भी दाखिल की थी जिसे अदालत ने ख़ारिज कर दिया था।

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