इस्कॉन कुसुम विहार : सरल भाषा मे भगवत गीता के महत्व पर प्रकाश डाला श्रीपद देवकीनन्दन ने

AJ डेस्क: गुरुवार को इस्कॉन धनबाद कुसुम विहार के द्वारा विवाह स्थल कुसुम विहार में गीता जयंती का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें भगवान श्रीकृष्ण के सैकड़ो भक्तों के साथ पूर्व विधायक संजीव सिंह की पत्नी सह भाजपा नेत्री रागिनी सिंह ने भी शिरकत किया। इस आयोजन के मुख्य अतिथि रहे इस्कॉन जुहू से आए इस्कॉन झारखंड के सेक्रेटरी श्रीपाद देवकीनंदन दास प्रभु जी थे। उनके साथ आए सभी भक्तों का इस्कॉन धनबाद के प्रभारी श्रीपाद सुंदर गोविंद दास जी ने माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया।

 

 

इसके बाद श्री देवकीनंदन दास जी ने गीता महात्मा बताया। साथ ही हमारे सनातन धर्म के इस ग्रंथ की विशेषता बताई। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार से भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन के सारे संशय को दूर किया एवं मात्र भगवान कृष्ण की इच्छा अनुरूप कार्य करने की शिक्षा प्रदान की। उन्होंने बताया कि जो गंगाजल पीता है वह मुक्ति प्राप्त करता है, अतएव उसके लिए क्या कहा जाए जो भगवत गीता का अमृत पान करता है। भगवत गीता महाभारत का अमृत है और इसे भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं सुनाया है। भगवत गीता भगवान के मुख से एवं गंगा चरण कमलों से निकली है। निसंदेह दोनों में कोई अंतर नहीं है फिर भी गीता के अध्ययन से आप पाएंगे कि गीता गंगाजल की अपेक्षा अधिक महत्वपूर्ण है।

 

 

 

यह गीता जो समस्त उपनिषदों का सार है, गाय के समान है और ग्वालबाल रूप से विख्यात भगवान कृष्ण इस गाय के दूध रहे हैं, अर्जुन बछड़े के समान हैं और सारे विद्धवान तथा शुद्ध भक्त भगवत गीता के अमर्तिमय दूध का पान कर रहे हैं।

 

 

 

 

 

 

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