आपकी डेली लाइफ का हिस्सा हैं ये चाइनीज कंपनियां, कभी किया है नोटिस?
AJ डेस्क: भारत में चीनी कंपनियों पर लगातार नियंत्रण किया जा रहा है। हाल ही में कई चाइनीज मोबाइल ऐप्लीकेशन पर भी बैन लगाया गया था। साथ ही सरकार ने भी कुछ प्रोजेक्ट को लेकर चाइनीज कंपनियों से करार कैंसिल कर दिया था। भारत में चाइनीज सामानों के बहिष्कार की मुहिम भी चली और लोगों ने स्वदेशी अपनाने की प्रण लिया। चीनी आइटमों के लगातार हो रहे विरोध के बाद भी कई ऐसी कंपनियां हैं, जिनके प्रोडक्ट आपके जीवन का हिस्सा है। ऐसे में जानते हैं कि आखिर किन-किन चाइनीज कंपनियों के प्रोडक्ट इस्तेमाल कर रहे हैं…
दरअसल, भारतीय बाजार में चाइनीज कंपनियों का काफी प्रभुत्व हो चुका है और बहुत सी चाइनीज कंपनियां भारत में कारोबार कर रही हैं। साथ ही आप भी अपनी डेली लाइफ ना जाने कितनी चाइनीज कंपनियों को इस्तेमाल कर रहे हैं।
अगर टेक फील्ड की बात करें तो चीन ने पूरी तरह से भारत में पकड़ बना रखी है और लोग चाइनीज कंपनियों के प्रोडक्ट को पसंद भी कर रहे हैं। कई कंपनियां ऐसी भी हैं, जो भले ही भारतीय हैं, लेकिन उनमें चाइनीज कंपनियों की ओर निवेश किया गया है।
इन कंपनियों में चाइनीज कंपनियों का निवेश-
आपको इन कंपनियों का नाम सुनकर भले ही हैरानी हो लेकिन यह बात सच है कि इन कंपनियों में चाइनीज कंपनियों का निवेश है। इन ऐप्लीकेशन में बिग बास्केट, बायजूस, डेलीवरी, ड्रीम 11, फ्लिपकार्ट, हाइक, मेक माय ट्रिप, ओला, ओयो, पेटीएम, पेटीएम मॉल, पॉलिसी बाजार, क्विकर, स्नैपडील, स्विगी, जौमटो का नाम शामिल है। आमतौर पर स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वाले इनमें से कई ऐप्लीकेशन का इस्तेमाल करते ही हैं बता दें कि चीन का भारतीय स्टार्टअप में करीब 4 बिलियन डॉलर का निवेश है। भारत में चीनी एफडीआई का अंदाजा लगाया जाए तो यह आंकड़ा 6.2 बिलियन डॉलर है।
अधिकतर मोबाइल कंपनी हैं चाइनीज-
आप आजकल हर किसी के हाथ में स्मार्टफोन देखते होंगे, लेकिन क्या आप जानते हैं इसमें अधिकतर मोबाइल कंपनियां चाइनीज हैं। अगर मोबाइल कंपनियों की बात करें तो इनमें शियोमी, ओप्पो, विवो, वनप्लस, Huawei, मोटोरोला, कूलपैड, लेनोवो, जियोनी आदि चाइनीज कंपनियां हैं। इसके अलावा हायर, Hisense, TCL, Midea, ZTE, BOE चाइनीज कंपनियां हैं, जिनका इस्तेमाल पर डेली लाइफ में करते हैं।
कई मोबाइल ऐप्स पर लगा दिया गया बैन-
वैसे भारत सरकार ने हाल ही में 100 से ज्यादा मोबाइल ऐप पर बैन लगा दिया है, जिनमें पब-जी, टिकटॉक, यूसी ब्राउजर, शेयरइट आदि का नाम शामिल है। इन ऐप्स का सफाया करने के साथ ही लग रहा था कि भारत सरकार अब चाइनीज बिजनेस को लेकर बड़ा कदम उठा रही हैं। हालांकि, अभी भी देश में कई चाइनीज कंपनियां अपने प्रोडक्ट बेच रही हैं।
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