मेडिकल वेस्ट प्लांट की लापरवाही से खतरे में बड़ी आबादी,जांच में खुलासा
AJ डेस्क: धनबाद से एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के कशीयाटांड स्थित मेडिकल बायो वेस्ट प्लांट पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि प्लांट में मेडिकल कचरे को नियमों के तहत नष्ट करने के बजाय उसे जमीन में दबाया जा रहा है, जिससे न सिर्फ पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों की सेहत भी खतरे में पड़ गई है। शिकायत मिलने के बाद जांच टीम जब मौके पर पहुंची, तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।
बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के कशीयाटांड में स्थित इस मेडिकल बायो वेस्ट प्लांट की कार्यप्रणाली अब सवालों के घेरे में है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट संचालक द्वारा बायोमेडिकल वेस्ट को जलाने के बजाय जगह-जगह गड्ढे खोदकर जमीन में दबाया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, यहां की हवा पूरी तरह से जहरीली हो चुकी है, खासकर गर्मी और बारिश के मौसम में इन गड्ढों से उठने वाली दुर्गंध पूरे इलाके में फैल जाती है, जिससे लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। बदबू के साथ-साथ संक्रमण फैलने का खतरा भी लगातार बना हुआ है।
इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कई बार जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामला प्रदूषण नियंत्रण विभाग तक पहुंचा।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रदूषण विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच की। जांच के दौरान टीम ने पाया कि आरोप सही हैं और मेडिकल कचरे को जमीन में दबाया जा रहा है।
जांच टीम के सदस्य निरालाल बास्की ने बताया कि जांच के दौरान शिकायत सही पाई गई है। रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेज दी गई है और आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस मामले को गंभीर बताया है। जिला परिषद सदस्य स्वाति कुमारी ने कहा कि धनबाद ही नहीं, बल्कि गिरिडीह, हजारीबाग, बोकारो और जमशेदपुर जैसे जिलों से मेडिकल वेस्ट लाकर यहां दबाया जा रहा है, जिससे यहां की हवा पूरी तरह से जहरीला हो चुका है, इलाके की जमीन और लोगों की सेहत दोनों पर बुरा असर पड़ रहा है।
