ऋचा को कुरान बाँटने का आदेश उसी कोर्ट ने निरस्त किया
AJ डेस्क: ऋचा भारती के द्वारा सोशल मीडिया में एक विवादित पोस्ट किए जाने के बाद उसकी गिरफ्तारी और बाद में कोर्ट द्वारा सशर्त जमानत दिए जाने तक मामला ठीक था लेकिन कोर्ट के द्वारा ऋचा को जमानत देने में यह शर्त जोड़ देना कि वह पांच कुरान बांटेगी, विवादित हो गया, जिसे आज उसी कोर्ट ने वापस भी ले लिया।

कोर्ट में प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार सिंह के पांच कुरान बांटे जाने के आदेश के खिलाफ चौतरफा वाद विवाद शुरू ही हो गया। भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्य स्वामी तक ऋचा भारती के साथ इस आदेश के खिलाफ ऊपर के न्यायालय तक जाने की घोषणा कर चुके थे। खुद ऋचा भारती निचली अदालत के इस फैसला के खिलाफ हाई कोर्ट जाने की तैयारी में लग गयी थी। ऋचा ने कुरान नही बाँटने का निर्णय भी सार्वजनिक कर दिया था। दूसरी ओर रांची जिला बार एसोसिएशन ने भी न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 17 एवम 18 जुलाई को उनके कोर्ट का कार्य बहिष्कार किये जाने की घोषणा कर डाली थी।

एक छात्रा ऋचा के द्वारा 5 कुरान बांटे जाने का कोर्ट का आदेश तूल पकड़ने लगा। इस बीच आज सम्बंधित कोर्ट ने एक नया आदेश जारी कर कहा कि केस के अनुसन्धान कर्ता के आवेदन पर विचार करते हुए ऋचा की जमानत में लगाए गए सभी शर्त लागू रहेंगे, सिर्फ ऋचा के द्वारा कुरान बांटे जाने का शर्त हटा दिया जाता है।

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