जहां-जहां भागवतम पाठ होगा, वहां परिवर्तन होगा- सुंदर गोविन्द दास ब्रह्मचारी जी

AJ डेस्क: धनबाद के कोयला नगर स्थित सामुदायिक भवन में ISKCON द्वारा 22 से 24 अगस्त तक होने वाले श्री वृंदावन जन्माष्टमी महोत्सव का शुभारंभ आज हो गया। महोत्सव का प्रारंभ श्री पाद सुन्दर गोविन्द दास ब्रह्मचारी जी के प्रवचन से हुआ। जिसमें उन्होंने श्री लीलाधर भगवान श्री कृष्ण के लीलाओं का महत्व यहाँ आए लोगों को समझाया।

 

 

 

श्री पाद सुन्दर गोविन्द दास ब्रह्मचारी जी ने बताया कि भगवान ने 11 साल 6 महीना वृन्दावन को दिया और सबसे ज्यादा वक्त द्वारका को दिया। भगवान के प्रति व्रज वासियो का प्रेम ही है कि हम सब व्रज प्रेम में है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार से श्रील प्रभुपाद जी ने व्रज प्रेम को पूरे विष्व में फैलाया। सभी कहते थे साधु समुद्र पार नही जाते। लेकिन उन्होंने कहा मैं कहा जा रहा हूँ, जा तो भागवतम रहे है, मैं तो बस सेवक हूँ। जहां-जहां भागवतम पाठ होगा वहां परिवर्तन प्रारम्भ हो जाएगा।

 

 

 

 

 

 

 

इस कथा के बीच में गोपी गीत हुआ। जिसके प्रारंभ होते ही पूरा हॉल श्री कृष्ण मय हो गया और यहाँ आए सभी लोग श्री कृष्ण प्रभु के भजन पर झूमने लगे। बता दें कि कल के कार्यक्रम से पहले भगवान का आगमन कराया जाएगा। जिसमें सभी श्री कृष्ण भक्त सादर आमंत्रित है।

 

 

 

 

 

 

 

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