Fri. Apr 3rd, 2020

कांग्रेस नेता उदित राज का पुलवामा कांड पर विवादित बयान

AJ डेस्क: कांग्रेस नेता उदित राज ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उदित राज पुलवामा हमले को लेकर एक बयान दिया है जिस पर बवाल मचना तय है। उदित राज ने ट्वीट कर कहा, ‘जो लोग सत्ता पाने के लिये गुजरात में नरसंहार करवा सकते हैं,  वो सत्ता बनाये रखने के लिये 40 जवानों की जान का सौदा भी कर सकते हैं। इनके लिये देशभक्ति और राष्ट्रवाद जनता को भरमाने का एक टूल भर है।’

 

 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए उदित राज ने कहा कि भाजपा ने 2019 का चुनाव पुलवामा को चुनावी मुद्दा बनाकर जीता था और 2014 लोकसभा चुनाव से पहले इसी तरह का हमला फिर हो सकता है। ऐसे में राहुल गांधी द्वारा पूछे सवाल बिलकुल सही हैं। पुलवामा हमले की अच्छे से जांच होनी चाहिए।

 

 

 

क्या कहा था राहुल गांधी ने-

शुक्रवारको पुलवामा हमले की पहली बरसी पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा था, ‘आज जब हम पुलवामा के चालीस शहीदों को याद कर रहे हैं, तब हमें पूछना चाहिए- 1.पुलवामा आतंकी हमले से किसे सबसे ज्यादा फायदा हुआ? 2.पुलवामा आतंकी हमले को लेकर हुई जांच से क्या निकला? 3.सुरक्षा में चूक के लिए मोदी सरकार में किसकी जवाबदेही तय हुई?’

 

 

उदित राज ने एक आर्टिकल शेयर करते हुए ट्वीट कर कहा, ‘सोशल मीडिया पर राष्ट्रवाद का प्रचार करने वाले लोग अक्सर उच्च जाति के होते हैं और जिन सैनिकों ने मुख्य रूप से हमले में अपनी जान गंवाई वे SC/ST/OBC समुदायों से आते हैं। हाशिए पर खड़े समुदायों को सत्ताधारी सवर्णों की देशभक्ति की कीमत चुकानी पड़ती है।’

 

 

उदित राज ने सरकार को लिया निशाने पर-

इससे पहले उदित राज ने टवीट कर कहा था, ‘जब 1 सप्ताह पहले पता था कि CRPF के जवानों को रोड से नही ले जाना है तो सरकार क्यों नही मानी। मरने के लिए ऐसा किया। राहुल गांधी जी ने सही सवाल उठाया की पुलवामा हमले के जांच का नतीजा अभी तक नही आया जब गृहमंत्रालय को खबर मिल गयी थी कि CRPF को रोड से नहीं बल्कि एयर से ले जाना चाहिए तो इजाजत नहीं दिया अर्थात राजनैतिक लाभ के लिए यह घटना होने दिया।’

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Article पसंद आया तो इसे अभी शेयर करें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »