प्रधान मंत्री को किसान से डर लगता है- राजेश ठाकुर
AJ डेस्क: कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा है कि प्रधानमंत्री को किसान से डर लगता है। लोगों का ध्यान भटकाने के लिए अनर्गल बयान देते हैं। कल उन्होंने (PM) कहा कि कुछ लोग आंदोलनजीवी हो गए हैं, हकीकत यह है कि प्रधानमंत्री खुद पूंजीपतिजीवी हो गए हैं।
कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में मंगलवार को राजेश ठाकुर ने कहा कि किसानों की जीविका कृषि है। जब कृषि पर अघात होगा तो आंदोलन स्वभाविक है। किसानों के हर आंदोलन के साथ कांग्रेस पार्टी खड़ी है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से रांची में राजभवन मार्च संथाल परगना में ट्रैक्टर रैली रांची में जनाक्रोश मार्च के बाद आगामी 10 फरवरी को प्रखंड स्तर पर किसान सम्मेलन, 13 फरवरी को जिला स्तर पर पदयात्रा कार्यक्रम, 20 फरवरी को हजारीबाग में राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन सह ट्रैक्टर रैली होगी।
सत्ता के अहंकार में चूर मोदी सरकार इस आंदोलन को बदनाम करने और आंदोलनकारियों को थकाने के लिए नित रोज नए हथकंडे अपना रही है। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने सदन में अपने वक्तव्य में भी संसद को गुमराह करने और देश को भटकाने की एक नयी कोशिश की। प्रधानमंत्री ने भी संवेदनहीनता दिखाते हुए आंदोलनकारियों को उपहास उडाया गया। सार्वजनिक तथ्य है कि किसान संगठन सरकार से 11 दौर की बैठकें कर चुके हैं।
किसानों ने तीन कृषि कानूनों में विभिन्न खामियों का बिंदुवार ब्यौरा दिया है, जिसके बाद केन्द्र सरकार तीन कानूनों में 18 संशोधन करने की बात स्वीकार कर चुकी है। ऐसे में कृषि मंत्री का संसद में दिया गया वक्तव्य बेहद आपत्तिजनक और तथ्यों से परे है। पहला कानून है- जो हिंदुस्तान के मंडी सिस्टम को, एग्रीकल्चर मार्केट्स को खत्म कर देगा, नष्ट कर देगा। दूसरा कानून है- जिससे हिंदुस्तान के सबसे बड़े 3-4-5 बिजनसमैन, जितना भी अनाज स्टोर करना चाहते हैं, लाखों टन, वो भंडारण कर सकते हैं।
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