सर जी डी पाटलीपुत्र हाई स्कूल में अल्यूमिनाई मीट का आयोजन

AJ डेस्क: पटना के सर जीडी पाटलिपुत्र हाई स्कूल में एलुमनी मीट का आयोजन किया गया। यह आयोजन स्कूल के 94 वर्ष के छात्र छात्राओं ने किया। मौके पर सभी अपने परिवार जनो के साथ कार्यक्रम में उपस्थित हुए और स्कूल के पुराने दिनों को याद किया।

 

 

सालों बाद सभी एक साथ स्कूल में तो थे, लेकिन आज न तो क्लास की कोई चिंता थी और न टिफिन की लड़ाई और न टीचर्स के डांट का भय। वो ही स्कूल, वो ही दोस्त बस बदले थे तो चेहरे, जो उम्र के साथ साथ बदलते गए, बावजूद इसके जब दोस्त एकदूसरे के सामने आये तो पहचानने मे तनिक भी देर नहीं लगी। सभी फिर से वही पुराने दिनों मे खो गए और यादों बातों की महफ़िल देर शाम तक गुलजार रही।

 

 

पटना के आल सीजन रिसोर्ट मे आयोजित Patliputrinas 94 के इस कार्यक्रम मे करीब डेढ़ सौ पूर्ववर्ती छात्र अपने परिवार के साथ जुटे। वैसे तो 94 बैच के ये छात्र पूर्व मे भी मिलते रहे है, लेकिन इस बार कई ऐसे चेहरे थे जो पहली बार शामिल हुए।

 

 

कार्यक्रम की शुरुवात हुई तीस साल पहले स्कूल के मैदान में की जाने वाली उस प्रार्थना से जो सभी करते थे। अंतर ये था की तब अकेले बचपन के दिन थे और आज साथ मे पत्नी और बच्चे थे। कार्यक्रम के दौरान सभी दोस्तों ने खूब मस्ती की।

 

 

मंच का संचालन अजय झा और कुणाल ने किया। अपनी पत्नी के साथ मंच पर आये दोस्तों ने पुरानी यादो को साझा किया। आयोजन के अध्यक्ष अंजनी सिन्हा और कोषाध्यक्ष अभिषेक सोनू ने सभी दोस्तों का स्वागत किया।

 

 

कई साल गुजर जाने के बाद सभी एक-दूसरे से मिलकर भावुक हो गए। उसके बाद छात्र जीवन की यादों को ताजा करने का सिलसिला शुरू हो गया। महिलाओ और बच्चों ने भी खूब मस्ती की। मौके पर आये जेडीयू के महासचिव छोटू सिंह, डॉ ब्रजेश, करन देव, मधुरेश,गौरव, अमिताभ ओझा, आलोक, रंजीत, नीलेश, आशुतोष, राकेश, दीपक, दिपेन्द्र, उदय, राजीव, रजनीश सहित सभी साथियो ने पुराने दिनों के संस्मरण सुनाये।

 

 

सभी ने साथ प्रण लिया की चाहे परिस्थिति कैसी भी हो हर दोस्त साथ रहेंगे। कार्यक्रम मे कई दोस्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे जो प्रदेश में होने के कारण कार्यक्रम मे शामिल नहीं हुए थे। कार्यक्रम देर रात तक चला। इस दौरान स्वादिष्ट व्यंजन तो था ही बच्चों ने भी खूब बवाल काटा। इसके बाद सभी विदा तो हुए, लेकिन इस वादे के साथ की अगली बार और जोश और उत्साह के साथ जुटेंगे।

 

 

कुल मिलाकर यह मिलन समारोह में न सिर्फ पुरानी यादें ताजा हुई, बल्कि इससे उम्मीद और विश्वास का नया आकाश भी गढा गया।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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