आजसू समर्थक नहीं पहुंच सके विधान सभा, बैरिकेडिंग तोड़ा
AJ डेस्क: आजसू पार्टी के पूर्व घोषित विधानसभा घेराव कार्यक्रम के तहत पूरे राज्य से हजारों की संख्या में आजसू कार्यकर्ता सोमवार को विधानसभा घेराव करने रांची पहुंचे। लेकिन जिला प्रशासन के द्वारा विधानसभा सत्र और कोविड-19 को देखते हुवे विधि व्यवस्था में भंग होने की संभावना का हवाला देते हुए राजधानी रांची में धारा 144 लगा दिया गया। प्रशासन की तरफ से शहर में घुसने वाले तमाम सड़कों पर बैरिकेडिंग लगाकर रैली में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं को रोका दिया।
हालांकि रिंग रोड दालादिली चौक के पास हजारों कार्यकर्ता जुटे। इस दौरान मौके पर आजसू सुप्रीमो सुदेश कुमार महतो भी दालादिली चौक कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे। मौके पर प्रशासन सड़क पर बैरिकेडिंग लगाकर सभी कार्यकर्ताओं को विधानसभा की ओर जाने से रोक दिया। जिसके बाद कार्यकर्ता सड़क पर ही बैठकर घंटों राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे।
मौके पर सुदेश कुमार महतो भी सड़क पर धरना पर बैठकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार झारखंड विरोधी सरकार है। यह सरकार लाठी गोलियों के बल से तानाशाही सरकार चला रही हैं। आज हमारे हजारों कार्यकर्ता 1932 खतियान, स्थानीय नीति, नियोजन नीति आरक्षण सहित जनहित मुद्दों को लेकर विधानसभा शांतिपूर्ण तरीके से पहुंच रही थी। लेकिन सत्ता का दुरुपयोग करते हुए सभी कार्यकर्ताओं को विधानसभा पहुंचने से रोक दिया गया। लेकिन आजसू के कार्यकर्ता यहां रुकने वाले नहीं हैं, अगर हमारी मांगों को राज्य सरकार पूरा नहीं करती है, तो यह आंदोलन लगातार चलती रहेगी।
सुदेश महतो के भाषण समाप्त होने के बाद सैकड़ों कार्यकर्ता पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए आगे निकल गई, जिससे कुछ देर के लिए अफरा तफरी का माहौल बन गया। हालांकि बाद में खुद आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने सभी कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक लिया और सरकार को 14 अप्रैल तक 1932 खतियान, स्थानीय नीति, नियोजन नीति, ओबीसी को 27% आरक्षण, लागू करने का अल्टीमेटम दिया है। मौके पर आजसू पार्टी के वरिष्ठ नेता सह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, विधायक लंबोदर महतो, उमाशंकर रजक, पूर्व विधायक रामचंद्र सहिस सहित हजारों कार्यकर्ता मौजूद थे।
