थाना से बाइक गायब,पीड़ित पर पुलिस का प्रेशर,दूसरी ले लो

AJ डेस्क: धनबाद जिले के बिराजपुर मझिलाडीह के रहने वाले मटन प्रसाद महतो, जो डीजीएमएस में निजी सहायक के पद पर कार्यरत हैं, अब अपनी ही मोटरसाइकिल को वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद जब वे आठ महीने बाद स्वस्थ होकर लौटे और अपनी बाइक लेने थाना पहुंचे, तो उन्हें हैरान कर देने वाला जवाब मिला।

 

मटन महतो के अनुसार, 21 जुलाई 2025 को वे ऑफिस से घर लौट रहे थे। इसी दौरान राजगंज थाना क्षेत्र के खरनी मोड़ के पास एक ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए कोलकाता भेजा गया। दुर्घटना के तुरंत बाद राजगंज पुलिस ने उनकी बाइक संख्या JH-10-CE-5021 और संबंधित ट्रैक्टर को जब्त कर थाना परिसर में रख लिया था।

 

करीब आठ महीने बाद जब मटन महतो स्वस्थ होकर घर लौटे, तो उन्होंने कानूनी प्रक्रिया के तहत अपनी मोटरसाइकिल वापस मांगने के लिए थाना का रुख किया। आरोप है कि केस के आईओ द्वारा उन्हें बार-बार घुमाया गया और उनकी मांग को टालने की कोशिश की गई। जब उन्होंने नियम-कानून की बात की और सख्ती दिखाई, तो थानेदार ने कथित तौर पर उन्हें वहां खड़ी किसी दूसरी बाइक ले जाने का सुझाव दे दिया।

 

 

मोटरसाइकिल मालिक मटन महतो ने कहा कि “मैं अपनी ही गाड़ी लेने गया था, लेकिन मुझे दूसरी गाड़ी ले जाने को कहा गया। यह पूरी तरह से गलत है और न्याय के खिलाफ है।”

 

 

 

इस व्यवहार से आहत मटन महतो ने जिले के वरीय पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित को कब तक उसकी अपनी बाइक वापस मिल पाती है।

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