गर्मी से पहले एक्शन में प्रशासन: पेयजल संकट से निपटने को क्यूआर कोड और फील्ड टीम तैयार।
AJ डेस्क: गर्मी के मौसम में हर साल धनबाद वासियों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है, लेकिन इस बार जिला प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड में है। बड़ी पाइपलाइनों की मरम्मत जारी है और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए क्यूआर कोड भी जारी किया गया है। दावा है कि हर शिकायत का समाधान 72 घंटे के भीतर किया जाएगा। इस गर्मी धनबाद में पेयजल संकट से राहत दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। शहर और ग्रामीण इलाकों में खराब पड़े बड़े पाइपलाइन की मरम्मत तेजी से की जा रही है। इसके साथ ही ‘धनबाद जल सेवा’ नामक वेबसाइट और क्यूआर कोड की सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे लोग आसानी से पानी से जुड़ी अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
प्रशासन का दावा है कि शिकायत मिलते ही 72 घंटे के अंदर उसका समाधान किया जा रहा है। अब तक 1000 से अधिक चापानलों की मरम्मत की जा चुकी है। इसके लिए 20 से ज्यादा टीमें लगातार फील्ड में काम कर रही हैं और गाड़ियों के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंच रही हैं।
डीसी ने लोगों से अपील की है कि वे क्यूआर कोड के माध्यम से फर्जी शिकायत दर्ज न करें। साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया है कि आपात स्थिति में टैंकर के जरिए पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी।डीसी ने साफ किया कि दीर्घकालिक समाधान में समय लग सकता है, लेकिन छोटी समस्याएं जैसे चापानल की मरम्मत या पाइपलाइन लीकेज को प्राथमिकता के साथ तुरंत ठीक किया जाएगा। हाल ही में नगर आयुक्त ने भी अधिकारियों के साथ बैठक कर पेयजल व्यवस्था को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जिला प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों—मुखिया और वार्ड पार्षदों से भी सहयोग की अपील की है। वहीं, नई नगर सरकार बनने के बाद मेयर संजीव सिंह ने भी पेयजल समस्या को प्राथमिकता में रखा है। ऐसे में इस बार धनबाद वासियों को उम्मीद है कि उन्हें गर्मी में पानी की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
