227 केजी का 2 पीस हैवी बम बरामद,सेना ने संभाला मोर्चा
AJ डेस्क: जमशेदपुर बहरागोड़ा प्रखंड के पानीपाड़ा नागुडसाईं स्थित स्वर्णरेखा नदी के किनारे पिछले कई दिनों से कौतूहल और दहशत का कारण एक नहीं 2 बम क़ा मिलाना है.. इस विशालकाय बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय (डिफ्यूज) करने के लिए सेना की विशेषज्ञ टीम ने मोर्चा संभाल लिया है।
मंगलवार को भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मेंद्र सिंह और कैप्टन आयुष कुमार सिंह के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने बम की स्थिति, उसकी बनावट और आसपास के भूगोल का बारीकी से निरीक्षण किया। बम के आकार और उसकी संभावित मारक क्षमता को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सेना के साथ वायु सेवा की टीम ने भी स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
बम को निष्क्रिय करने के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि या नुकसान से बचने के लिए सेना द्वारा वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जा रही है। बम के चारों ओर बालू से भरी बोरियों की ऊंची दीवार बनाई जा रही है। साथ ही बालू के भीतर एक विशेष गड्ढा तैयार किया गया है, ताकि विस्फोट की स्थिति में उसका दबाव जमीन के अंदर ही समाहित हो जाए। पूरे क्षेत्र की सटीक मापी कर सुरक्षा घेरा भी तैयार किया गया है।
1 किलोमीटर क्षेत्र रहेगा पूरी तरह सील
ऑपरेशन की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और सेना ने संयुक्त रूप से निर्णय लिया है कि बम निष्क्रिय करने के दौरान घटनास्थल से एक किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह सील कर दिया जाएगा। इस दौरान पश्चिम बंगाल स्थित कलईकुंडा एयरफोर्स स्टेशन से विमानों के परिचालन पर भी अस्थायी रोक लगाई जाएगी, ताकि हवा और जमीन दोनों स्तर पर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ग्रामीणों में था भय का माहौल
नदी किनारे इतने बड़े बम की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों में पिछले एक सप्ताह से भय और दहशत का माहौल बना हुआ था। स्थानीय लोग लगातार प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
ग्रामीणों का कहना है
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह का विशाल बम उन्होंने पहली बार देखा है। कई दिनों तक लोग डर के कारण नदी किनारे जाने से भी बचते रहे। बच्चों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई थी। ग्रामीणों ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि सेना के पहुंचने से अब उन्हें भरोसा हुआ है कि खतरा जल्द टल जाएगा।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और ऑपरेशन के दौरान निर्धारित क्षेत्र से दूर रहें। सेना की टीम द्वारा जल्द ही बम को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
