अतिक्रमण उन्मूलन अभियान:रजरप्पा मंदिर परिसर से ढाई सौ दुकानें हटी

AJ डेस्क: रामगढ़, झारखंड के प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां छिन्नमस्तिका मंदिर, रजरप्पा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। हाई कोर्ट के निर्देश के अनुपालन में मंदिर परिसर से 254 दुकानों को खाली कराया जा रहा है। कार्रवाई से पहले ही अधिकांश दुकानदारों ने अपनी दुकानें स्वयं हटा ली हैं, लेकिन इस कदम से सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

अल्टीमेटम समाप्त होते ही मंदिर परिसर में गतिविधियां तेज हो गईं। बुधवार रात से ही दुकानदार अपने-अपने सामान समेटने में जुट गए। कोई छोटे वाहनों में तो कोई बड़े ट्रकों के जरिए अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाता नजर आया। सुबह होते-होते मंदिर परिसर का दृश्य पूरी तरह बदल गया। जहां पहले दुकानों की कतारें और श्रद्धालुओं की चहल-पहल रहती थी, वहां अब खाली जमीन और बिखरे सामान के निशान दिखाई दे रहे हैं।

इस पूरी प्रक्रिया के बीच दुकानदारों के चेहरों पर मायूसी साफ झलक रही है। वर्षों से यहां व्यवसाय कर रहे दुकानदारों का कहना है कि यह उनका एकमात्र आजीविका का साधन था और अब अचानक सब खत्म हो गया है। उन्होंने प्रशासन से पुनर्वास की व्यवस्था की मांग की है।

मंदिर के पुजारी सह दुकानदारों ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि वे केवल व्यापार ही नहीं करते थे, बल्कि मां छिन्नमस्तिका की सेवा से भी जुड़े हुए थे। दुकानें हटने से उनके सामने रोजगार के साथ-साथ सेवा का अवसर भी समाप्त हो गया है। उन्होंने प्रशासन से उचित पुनर्वास की मांग की है।

वहीं, प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई हाई कोर्ट के निर्देश और अतिक्रमण वाद के तहत की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश दुकानदारों ने सहयोग करते हुए स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा लिया है और पूरा अभियान शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि रजरप्पा मंदिर राज्य का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। हालांकि, इस कार्रवाई ने सैकड़ों परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा कर दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इन प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास के लिए कोई ठोस व्यवस्था की जाएगी या नहीं।

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